जहानाबाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय जावेद अहमद खान की अदालत ने पति जलेंद्र प्रसाद के हत्या के मामले में आरोपित पत्नी सरिता देवी घोषी ओकरी थाना क्षेत्र ग्राम प्रीतम बिगहा निवासी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी करार दिया था , वहीं सजा के बिंदु पर आज सुनवाई करते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है ! मामले में सरकार की ओर से पक्ष रख रहे अपर लोक अभियोजक बिंदुभूषण प्रसाद ने बताया कि 13 जुलाई 2020 की रात को सरिता देवी ने अपने पति जलेन्द्र प्रसाद के सर पर ईंट से हमला करके निर्मम हत्या कर दी थी ! मृतक की बेटी कबीता कुमारी ने बताया कि माँ ने हीं पिता को गला दबाकर एवं ईंट से मार-मार कर हत्या कर दी है ! मृतक के भाई हीरालाल कुमार के द्वारा घोसी ओकरी ओपी में मृतक की पत्नी सरिता देवी के विरुद्ध प्राथमिकी 285/ 20 दर्ज कराया था ! सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने न्यायालय के समक्ष कहा की यह अभियुक्त का प्रथम अपराध है औऱ महिला है इसलिए कम से कम सजा दिया जाए ! वही सरकार का पक्ष रखते हुए अपर लोक अभियोजक बिंदु भूषण प्रसाद ने न्यायालय के समक्ष अपनी बात को रखते हुए अनुरोध किया की अभियुक्त अपने पति को इट से सर कुचलकर एवं गला दवाकर निर्मम हत्या की है जो जघन्य अपराध है !ऐसी स्थिति में अभियुक्त को अधिकतम सजा दिया जाए! दोनों पक्षो की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है !