बताया जाता है कि मृतक गया राजवंशी का पड़ोसी मिट्ठू राजवंशी, नारदीगंज के सुनील राजवंशी और नारदीगंज के परमा गांव के सुनील चौहान ईंट भट्ठा पर मजदूर भेजने का काम करते हैं। 12 अक्टूबर को वे लोग बगैर परिवार के किसी सदस्य को जानकारी दिए गया राजवंशी को रात में लेकर गए। सुबह परिजनों ने घर में न देख खोजबीन करना शुरू किया तो जानकारी मिली कि उसे ईंट भट्ठा पर ले जाया गया है। 15 अक्टूबर को उसकी मौत की सूचना परिवार के लोगों को मिली।परिवार वालों का कहना है अग्रिम तक का भुगतान नहीं किया। यहां तक कि किसी परिवार को उसे ले जाये जाने तक की सूचना नहीं दी गयी। और तो और मौत की सूचना भी किसी अज्ञात व्यक्ति ने परिजनों को दी।
मौत की सूचना मिलते ही घर परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी लीला देवी सहित अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया है। परिवार वालों के पास इतनी राशि भी नहीं कि वे शव का अंतिम दर्शन कर सके। परिजनों ने गया राजवंशी की हत्या का आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगायी है।