नगर निगम के भ्रष्टाचार के चलते नहीं कर पाएंगे नगर आयुक्त भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्रवाई नगर आयुक्त भी दे रहे हैं भ्रष्टाचार को बढ़ावा
जनहित में हमारे संवाददाता ने नगर निगम से जानकारी निकाली है कि नगर निगम मेरठ में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने हेतु तीन डिपो संचालित है जिम दो डिपो पर दो भाई धर्मेंद्र कुमार उर्फ धर्मेश और श्री राजेश कुमार कार्यरत है इन दोनों के 20 वर्ष पूर्व ड्राइवर के रूप में संविदा पर नियुक्ति हुई थी जिन्होंने नियम विरोध अधिकारियों के नगर आरतों के फर्जी साइन से नियम विरोध नियुक्ति कर कर अपने को स्थाई कर लिया जबकि संविदा से स्थाई होने का कोई नियम नहीं है इस संबंध में यह भी अवगत कराना है कि 20 साल से इन दोनों भाइयों का डिपाजिट ट्रांसफर नहीं हुआ है इनके द्वारा काफी तेल देखकर महा घोटाला क्या हुआ है इनकी नियुक्ति की जांच भी चल रही है जो तेज कर्मचारियों में सम्मिलित है इनके द्वारा सीधी सादी आगरा की जांच को भी अवैध रूप से धनराशि खर्च कर सीबीसीआईडी और कार्यालय में जांच को रुकवा दिया गया है यह उसमें पूर्ण रूप से दोषी पार्टी होंगे इन समाज की नियुक्तियां अवैध पाई गई है उसके अतिरिक्त यह भी अवगत कराना है कि इस संबंध में शासन के आदेश अनुसार एक जांच मंडल कार्यालय में अपर आयुक्त रजनीश राय को सौंप गई थी उसे उनके स्थानांतरण उपरांत आने वाले अपराहितों को सौंप गई जिस जांच को लगभग 4 साल हो गए हैं उनके द्वारा मन्नत कार्यालय की जांच को भी रुकवा दिया गया है गुड नाइट महोदय से इस बात कीअपेक्षा की जाती है कि नगर निगम की अवैध नियुक्ति की तेज कर्मचारियों की जांच को जो अपार आए उसके पास लंबित है तुरंत पूर्ण कराया जाए और दोस्तों के विरुद्ध कार्यवहीं की जावे
ओके यात्री नगर निगम में तैनात श्री धर्मेंद्र कुमार उर्फ धर्मेश के विरुद्ध डिपो पर तेल बेचकर एम वाहनों की मरम्मत के संबंध में फर्जी मरम्मत बिल निकाल कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में उत्तर प्रदेश भ्रष्टाचार विजिलेंस सकेत मेरठ के इंस्पेक्टर श्रीमती मंजू लता कुशवाहा द्वारा जांच में साक्षो के आधार पर दोषी मानते हुए FIR दर्ज कराई गई है।
भ्रष्टाचार की धारा में मुकदमा कायम होने के कारण इनके विरुद्ध विवाह के कार्रवाई होगी अगर आपको तत्काल उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही स्टार्ट करते हुए तत्काल दोनों भाइयों को पद से हटाया जाए और निलंबित किया जाए ताकि आगे जांच पूर्ण रूप से सही और नियम अनुसार की जा सक।
हमारे द्वारा शासन से भी डीजी उत्तर प्रदेश भ्रष्टाचार विजिलेंस लखनऊ एवं नगर विकास सचिव भी मांग करते हैं कि नगर निगम मेरठ के कंकरखेड़ा डिपो पर कार्यरत भ्रष्ट लिपिक धर्मेंद्र कुमार धर्मेश के विरुद्ध एफआईआर के आधार पर इन्हें तत्काल निलंबित कर विभाग के कार्रवाई करने हेतु नाराज मेरठ को निर्देशित किया जाए।