योगी सरकार के आदेशों की खुलेआम हो रही धज्जियां

 भ्रष्टाचार चरम सीमा पर 




योगी सरकार के आदेशों की खुलेआम हो रही धज्जियां 

मेरठ विकास प्राधिकरण में अभियंताओं की कमी भ्रष्टाचार फैलाने के लिए अभियंताओं से अलग हटकर तैनात किया इंस्पेक्टर्स को जिनका नशे की अवैध निर्माण की जानकारी नहीं सूत्रों के हवाले से उपाध्यक्ष का संरक्षण पूरी तरह 

मेरठ विकास प्राधिकरण के जॉन a1 में सराय लाल दास में आवासीय नक्शा पास लेकिन तीन मंजिल मार्केट बनाया जा रहा जिस पर आगे हरि पन्नी लगाकर निर्माण को तैयार किया जा रहा जिस पर यह एक बंगाली का बताया जाता है सूत्रों के हवाले से इसमें एक व्यापारी नेता की पार्टनरशिप भी बताई जाती है और और व्यापारी नेता का कहना है कि उपाध्यक्ष महोदय मेरे करीबी है इसलिए कोई भी कार्यवाही नहीं होगी आप अगर खबर चलाओगे तो तुम्हारे ऊपर जांच बेतवा दी जाएगी व्यापारी नेता नहीं है अभी बताया कि मैं एक और परिसर बनवाया है जिसमें कोई नक्शा पास नहीं है वह और मार्केट बनवाया है जिसमें कोई नक्शा पास नहीं है वह मार्केट कागजी बाजार जिसके मालिक जितेंद्र कल बिल्डर आकाश अग्रवाल बताए जाते हैं लेकिन मेरठ विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष महोदय के संरक्षण होने की वजह से दोनों कंपलेक्स सुपर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई एक तरफ तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्मार्ट सिटी बनाना चाहते हैं लेकिन यहां तो उपाध्यक्ष महोदय अवैध निर्माणों को संरक्षण देकर स्मार्ट सिटी से 10 साल पीछे ले जा रहे हैं जिसकी जानकारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को वह प्रधानमंत्री महोदय कोx के माध्यम से दी जाएगी ना यह है कि मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष इस पर कार्य करते हैं या अवैध निर्माण को संरक्षण देते हैं क्योंकि इस क्षेत्र में जितेंद्र रमेश बैंसला अवैध निर्माण के माफिया बने हुए हैं और कई साल से जमे हुए हैं और क्षेत्र में तो उनके द्वारा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को हटाया भी गया लेकिन रमेश बैंसला को नहीं हटाया गया और प्राधिकरण में अभियंता होने के बाद भी इंस्पेक्टर को अवैध निर्माण का बढ़ावा देने के लिए तैनात किया गया यही है मेरठ विकास प्राधिकरण के उच्च अधिकारियों का संरक्षण जिस पर सूत्रों के हवाले से बताया जाता है कि इन दोनों कंपलेक्स शो पर भी उपाध्यक्ष महोदय का ही अपने कर्मचारियों के साथ संरक्षण प्राप्त है जीता जागता स्वरूप है कि शहर में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं हो रही और अवैध निर्माणों को लेकर अगर कोई बात करें तो उसे पर फर्जी मुकदमे होते हैं या प्राधिकरण में घुसने के बाद मुकदमे होते हैं

मेरठ से एस बंसल की खास रिपोर्ट

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