भ्रष्टाचार के खेल में अभियंता के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हुए हीरो प्राधिकरण जीरो
जिस बिल्डिंग को आप फोटो में देख रहे हैं और बिल्डिंग को उपाध्यक्ष द्वारा बुलडोजर चलाया गया था
लेकिन काले धन को कमाने के चक्कर में जितेंद्र चौधरी द्वारा इसको दोबारा से बनवा दिया गया और फोटो में देख सकते हैं की बोतभूतल स्प्लेंडर डलवा दिया
मेरठ विकास प्राधिकरण के जॉन b4 न 58 पर रोटा रोड बाईपास के पास यह बिल्डिंग पूर्व में अवैध निर्माण तोड़ो में इस पर बुलडोजर चलाया गया था लेकिन काले धन में भ्रष्टाचार की रेल में अभियंता तो बने करोड़पति और प्राधिकरण बना करोड़पति यह बने हीरो बाकी सब बने जीरो यह मेरठ विकास करनी कटनी जिस पर मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष भी मौन है जो नलअधिकारी भी मौन हो चुके हैं पर ऐसा प्रतीत होता है की कठपुतली भी बन गए हैं इसलिए कोई भी कार्रवाई नहीं हो रही जिसकी सूचना मान्य मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को एक पत्र लिखकर दी जाएगी की मेरठ विकास प्राधिकरण में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है पूर्व में तो मेरठ विकास प्राधिकरण में अगर कोई पत्रकार जाता था तो ऊपर हमला होता था और उनकी पिटाई होती थी और उसे पर उपाध्यक्ष महोदय उल्टा पत्रकारों पर मुकदमा करते थे लेकिन कर्मचारियों पर मुकदमा नहीं करते थे अब तो अभियंता चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी जो पूरे दिन मेरठ विकास प्राधिकरण में बैठकर पत्रकार ठेकेदारी करते हैं उनसे मिलकर कुछ छोटे पत्र का रूप के ऊपर रंगदारी मानहानि व्रत 307 के मुकदमे भी लिखवाते हैं इसका कोई उठाना रखना नहीं है और आज तक पत्रकारों पर प्राधिकरण में बैठने पर उपाध्यक्ष महोदय ने कोई कड़ी कार्रवाई भी नहीं कि ऐसा लगता है कि उपाध्यक्ष इस मामले पर भी मौन है और कोई बड़ा मामला पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर होने वाला है जिसको देखकर यह मौन बैठेंगे जिसका जानकारी ट्विटर के द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को भी दी जाएगी वह मानव अधिकार आयोग वह महामहिम राष्ट्रपति महान महोदय वह राज्यपाल जी को भी दी जाएगी