आंखों पर काली पट्टी और कानों में हुई देकर अधिकारी बनकर बैठे बाहरे गुगे

 उत्तर प्रदेश मेरठ में अंधेरे नगरी चौपट राजा 




आंखों पर काली पट्टी और कानों में हुई देकर अधिकारी बनकर बैठे बाहरे गुगे

मेरठ विकास प्राधिकरण के जॉन b3 खिरवा रोड पर आप फोटो में देख सकते हैं कि तीन मंजिल कंपलेक्स बनकर तैयार हो गया लेकिन इस पर ना तो चालान की कार्रवाई हुई नहीं सील की कार्रवाई हुई विशेष बात यह है कि आज इस रोड पर बाबा जी का बुलडोजर चला था लेकिन किसी भी अधिकारी को यह कंपलेक्स नजर नहीं आया किसी को कहा जाता है भ्रष्टाचार वास्तविकता तो यह है कि यहां पर जो तैनात है वह नोसीखे हैं उपाध्यक्ष मोदी ने केवल इनको अपनी जेब कम करने के लिए तैनात कर दिया लेकिन राजस्व नहीं आया ₹1 इसका जिम्मेदार कौन अगर जांच कराई जाए तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व जितेंद्र चौधरी आय से अधिक संपत्ति के स्वामी बन चुके ऐसे ही उनके क्षेत्र में बड़े-बड़े निर्माण चल रहे हैं आज इस क्षेत्र में जोनल अधिकारी भी गए अन्य अभियंता भी गए लेकिन इस परिसर पर किसी की भी निगाह नहीं गई ऐसे ही आशीर्वाद हॉस्पिटल के ऊपर जो काम चल रहा है उसे पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई वैसे सूत्रों के हवाले से यह पता चला है कि प्राधिकरण में बैठने वाले पत्रकारों की सेटिंग गेटिंग चाहिए कंपलेक्स बन गया जिस पर आज तक उपाध्यक्ष महोदय ने कोई निर्णय नहीं लिया जोनल अधिकारी तो उनके हाथों की कठपुतली बनकर रह गए अब ईमानदारी कहां चली गई यह तो सीधे-सीधे भ्रष्टाचार दिखाई दे रहा है कब तक चलेगा भ्रष्टाचार इनका कौन जिम्मेदार होगा राजस्वकी हानि का कौन जिम्मेदार होगा प्राधिकरण के अंदर बैठने वाले कुछ पत्रकार जो सुबह 10:00 बजे आते हैं शाम को 5:00 बजे जाते हैं या उपाध्यक्ष महोदय या नोसीखे तैनात इंस्पेक्टर या चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जो अपनी जेब गर्म कर रहे हैं इसकी जानकारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को ट्विटर पर दी जाएगी खबर लिखने वाले पत्रकारों को करते हैं बदनाम की इनको तो शिका🙂‍↕️यत करने की आदत है यह आदत राजस्व की हानि को कम करने के लिए है लेकिन अधिकारी कोई नहीं सुन रहा सबने कानों में हुई आंखों पर काला चश्मा लगाकर बैठे हैं गांधी जी के तीन बंदर बनकर केवल प्राधिकरण के अंदर सेटिंग कर गेटिंग करने वाले पत्रकारों का चल रही है दुकान और अभियंताओं के साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ मिलकर लाखों रुपए का रोजाना हो रहा है राजस्व का नुकसान

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