उत्तर प्रदेश आवास विकास के पीछे छुपा कड़वा काला सच

 उत्तर प्रदेश आवास विकास का खजाना सच आपके सामने निर्मित में 



स्टार्टअप के इनसाइड हाउसिंग डेवलपमेंट काउंसिल के निर्माण खंड 3 में कमेला रूपीसिग्नम होम का कारोबार किया जा रहा है 

आवासीय आवासीय परिसर में आवासीय आवासीय संस्थाएं ही पास हो रही हैं

लाइसेंस मुख्य चिकित्सा अधिकारी के यहां से कुछ काले धन के रूप में आवेदन के बाद लाइसेंस मिल जाता है, यहां तक ​​कि प्रशिक्षित अग्निशमन पुलिस भी काले धन के रूप में रिश्वत में एनओसी दे देती है और पावर पावर पावर का कनेक्शन दे देती है, ऐसे ही खुल रहे हैं नर्सिंग होम आसानी से काॅमेलकहा जाता है हाल ही में कैपिटलसाइज होम में दुर्घटनाग्रस्त महिला की हत्या उसी हॉस्पिटल के साथ, राघव अग्रवाल के 3306 नर्सिंग होम की तैयारी कर रहे हैं, शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई रही और राजीव अग्रवाल नर्सिंग होम को तैयार करने में लगे हुए हैं, जिस पर कहा गया है कि आवासीय विकास आवासीय भवन में नर्सिंग होम कमेला खोला जा रहा है, जैसे अंबा नर्सिंग होम और एल 503 में भी एक डीएसएम सेंटर स्थापित किया गया है, यह एक डॉक्टर की खुली लूट और स्टार्टअप की जनता है। काॅमेला स्टाम्पया का काॅलेज बनाने के लिए एक याचिका दायर की जा रही है और जनसुनवाई में आईटीआई को भी मंजूरी दे दी गई है, लेकिन हाउसिंग कमिश्नर के लिए सेक्सन का नाम पर जीरो भी लिखा गया है, लेकिन किसी भी तरह से पूरे नहीं बल्कि आवासीय बिल्डिंग में खोला गया है। ऑफिस होम रूपी कमले जिस पर जनजाति विवाद भी कुंभकरण की नींद सो रहे हैं और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बदनाम कर रहे हैं और प्रभारी मंत्री भी इस पर कोई जांच नहीं कर रहे हैं, अगर प्रशासन कार्रवाई करता है तो कुछ स्थानीय नेताओं की सुपारी जाएं ये कर दिया गया है ये है आवास विकास परिषद का कड़वा सच जिसने कहा बिल्कुल सच कहा सच के सिवा कुछ नहीं कहा हमने अपने पत्र में ये भी लिखा है कि अगर आवासीय विकास परिषद को एकजुट कर दिया जाए तो सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की मिलेगा लेकिन विभाग ऐसा कुछ नहीं सोच रहा

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