उत्तर प्रदेश मेरठ जनपद में नगर निगम का तेल का खेल बड़े चोरों पर
मेरठ नगर निगम की गाड़ियों का तेल का खेल चोरी का मामला बड़ी जोरों से चल रहा है मेरठ नगर निगम के मेरठ में तीन वाहन डिपो है दिल्ली रोड पर 36 वर्ड आते हैं सूरजकुंड पर 37 वर्ड आते हैं और कंकरखेड़ा में 17 वार्ड आते हैं जिसमें लाखों रुपए महीने की तेल की चोरी होती है कुछ मा पहले इन सभी वाहनों में जीपीआरएस लगवाए गए थे लेकिन नगर निगम के कुछ अधिकारियों के मिली भगत पर वह लिपिक की मिली भगत पर जीपीआरएस में होने लगा खेल जहां वहां के लगने चाहिए तीन चक्कर वहां एक चक्कर में ही काम निपटा दिया जाता है और जीपीआरएस बंद करके गाड़ी स्टार्ट दिखाकर चोरी बराबर चोरों से चल रही है नगर आयुक्त अपर नगर आयुक्त शहीद नगर आयुक्त भी मुख्य दर्शक बनकर बैठे हैं तेल के खेल में सुराजकुंड दिल्ली रोड वह कंकरखेड़ा के बाबू बने आए से अधिक संपत्ति के मालिक इसमें पेट्रोल पंप वाला है इनका सबसे बड़ा सहयोगी सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि जीपीआरएस चेक करने वाला तीनों डिपो से लेता है ₹10000 कमिशन और डिपो प्रभारी करते हैं खेल अब देखना है कि उत्तर प्रदेश सरकार या नगर निगम इस पर क्या कार्रवाई करती है छोटी पोर्टलैंड हो या बड़ी पोर्टलैंड हो या हो जेवीसी मशीन सब में डीजल की चोरी का खेल ऐसे ही कूड़ा निस्तारण प्लांट पर भी हो रही जोरों से डीजल की चोरी दिल्ली रोड डिपो का बिल बनता है डीजल का 50 से 55 लख रुपए सूरजकुंड डिपो का बनता है डीजल का बिल 70 से 72 लख रुपए का और कंकरखेड़ा का बनता है 35 लख रुपए का बिल जब दिल्ली रोड डिपो से सूरजकुंड डिपो पर एक वार्ड फालतू है तो इतना फर्क क्यों और कंकरखेड़ा में 35 लाख में 17 वार्डो का कितना बड़ा फर्क कैसे आज तक किसी अधिकारी ने इस बात की क्यों नहीं विचार किया